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आलू की खेती के लिए वरदान
ह्यूमिक 80% + फुल्विक 20% के संतुलित संयोजन से बना शक्तिशाली जैविक टॉनिक।
Pack Size: 500ML
price/799
Product Description
ह्यूमिक एसिड आलू में कैसे काम करता है?
1. जड़ों का तेज विकास
ह्यूमिक एसिड जड़ों की वृद्धि को बढ़ाता है, जिससे पौधा मजबूत बनता है और पोषक तत्वों का अधिक अवशोषण होता है।
2. पोषक तत्वों का बेहतर अवशोषण
मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों को घुलनशील बनाकर पौधों तक पहुँचाता है, जिससे आलू का विकास संतुलित और तेज होता है।
3. कंदों की संख्या और आकार में वृद्धि
ह्यूमिक और फुल्विक एसिड मिलकर अधिक कंद बनाते हैं, कंदों का आकार बड़ा और वजन अधिक होता है।
4. मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार
मिट्टी की संरचना को भुरभुरा बनाता है, जल धारण क्षमता बढ़ाता है और लाभकारी सूक्ष्मजीवों को सक्रिय करता है।
5. तनाव सहनशीलता बढ़ाए
सूखा, गर्मी, ठंड और अधिक नमी जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों में भी फसल को सुरक्षित रखता है और उपज में स्थिरता लाता है।
कान्हा ह्यूमिक अमृत के उपयोग के फायदे
अधिक उपज — 20–30% तक वृद्धि
बड़ा आकार — एकसमान एवं गुणवत्तायुक्त कंद
बेहतर गुणवत्ता — स्वाद, पकवान एवं शेल्फ लाइफ बढ़ाए
जल धारण क्षमता — मिट्टी की नमी लंबे समय तक बनाए रखे
रोग प्रतिरोधक क्षमता — पौधों को रोगों से बचाए और तनाव घटाए
आलू में विशेष लाभ
अधिक कंद, बड़े कंद, अधिक वजन
बेहतर ग्रेडिंग और मार्केट वैल्यू
कंद गलन, खैरा/ब्लैक एवं फटने की समस्या में कमी
भंडारण क्षमता और शेल्फ लाइफ में वृद्धि
बीज आलू की गुणवत्ता और अंकुरण क्षमता में सुधार
प्रयोग विधि
ड्रिप/फर्टिगेशन द्वारा:
2–3 मिली. प्रति लीटर पानी या 1–1.5 लीटर प्रति एकड़
मिट्टी में छिड़काव द्वारा:
2.5–3 मिली. प्रति लीटर पानी या 1.5–2 लीटर प्रति एकड़
पहला प्रयोग: लगाई के 20–25 दिन बाद।
दूसरा प्रयोग: कंद बनने की अवस्था पर।
तीसरा प्रयोग: कंद वृद्धि के समय (आवश्यकता अनुसार)।
मुख्य फसल
धान, गेहूँ, मक्का, ज्वार, बाजरा, चना, अरहर, गन्ना, आलू, प्याज, लहसुन, तम्बाकू, कपास, सोयाबीन, मूंगफली, सरसों, मटर, सब्जियाँ एवं सभी फलदार पौधे।
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